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ड्यूटी के बाद रात में पढ़ाई कर आरक्षी अभय शुक्ला बने उप निरीक्षक (गोपनीय)

इटावा एक्सप्रेस सम्पादक राजीव यादव

ड्यूटी के बाद रात में पढ़ाई कर आरक्षी अभय शुक्ला बने उप निरीक्षक (गोपनीय)

मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से हासिल की सफलता; पहले कंप्यूटर ऑपरेटर परीक्षा में टॉप रैंक और सिल्वर मेडल से हो चुके हैं सम्मानित

इटावा। पुलिस विभाग में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और निरंतर आत्मविकास की मिसाल पेश करते हुए सोशल मीडिया सेल, इटावा में नियुक्त आरक्षी अभय शुक्ला ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पुलिस सेवा की व्यस्त ड्यूटी के साथ रात्रि में नियमित अध्ययन करते हुए उन्होंने उप निरीक्षक (गोपनीय) पद पर चयन प्राप्त किया है। अभय शुक्ला की यह सफलता इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने पुलिस ड्यूटी की जिम्मेदारियों के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को भी लगातार जारी रखा। सीमित समय का बेहतर प्रबंधन करते हुए उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा और मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर यह मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव सहित पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। पहले भी अपनी प्रतिभा का मनवा चुके हैं लोहा आरक्षी अभय शुक्ला की सफलता की यह पहली उपलब्धि नहीं है। इससे पूर्व उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस कंप्यूटर ऑपरेटर परीक्षा में टॉप रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा और तकनीकी दक्षता का परिचय दिया था। उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद उन्हें मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ के कर-कमलों से नियुक्ति पत्र प्राप्त करने का गौरव भी हासिल हुआ था। उन्होंने एक उपलब्धि पर रुकने के बजाय लगातार आगे बढ़ने का प्रयास जारी रखा और अब उप निरीक्षक (गोपनीय) पद पर चयन प्राप्त कर सफलता की नई ऊंचाई हासिल की है। उत्कृष्ट पुलिस सेवा के लिए सिल्वर मेडल से सम्मानित पुलिस सेवा के दौरान उत्कृष्ट कार्य एवं सराहनीय योगदान के लिए भी अभय शुक्ला सम्मानित हो चुके हैं। 15 अगस्त के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से प्राप्त सिल्वर मेडल से उन्हें सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, कानपुर द्वारा उन्हें स्वयं मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उनके कर्तव्य के प्रति समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। ड्यूटी के बाद रात्रि में पढ़ाई बनी सफलता की कुंजी पुलिस सेवा की जिम्मेदारियों के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं होता। इसके बावजूद अभय शुक्ला ने ड्यूटी के बाद मिलने वाले समय का सदुपयोग करते हुए रात्रि में नियमित अध्ययन किया। उन्होंने साबित किया कि सफलता के लिए केवल अधिक समय होना जरूरी नहीं, बल्कि उपलब्ध समय का सही उपयोग और लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता अधिक महत्वपूर्ण है। उनकी सफलता उन पुलिसकर्मियों और युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो नौकरी या अन्य जिम्मेदारियों के साथ उच्च पदों पर पहुंचने का लक्ष्य रखते हैं। लगातार सफलता की ओर बढ़ते कदम अभय शुक्ला के करियर की उपलब्धियों में कंप्यूटर ऑपरेटर परीक्षा में टॉप रैंक, मुख्यमंत्री के कर-कमलों से नियुक्ति पत्र प्राप्त करना, उत्कृष्ट पुलिस सेवा के लिए सिल्वर मेडल से सम्मानित होना और अब उप निरीक्षक (गोपनीय) पद पर चयन प्रमुख हैं। उन्होंने प्रत्येक उपलब्धि को अंतिम मंजिल न मानकर अगली सफलता की तैयारी का आधार बनाया। उनकी यह यात्रा मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना का प्रेरणादायक उदाहरण है। पुलिसकर्मियों के लिए बने प्रेरणास्रोत अभय शुक्ला की सफलता यह संदेश देती है कि पुलिस सेवा की कठिन और व्यस्त जिम्मेदारियों के बीच भी यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, समय का सही प्रबंधन किया जाए और मेहनत लगातार जारी रखी जाए तो सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी उपलब्धि पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव सहित पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आरक्षी अभय शुक्ला की सफलता पुलिस सेवा में कर्तव्यनिष्ठा, निरंतर अध्ययन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है।

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