जैतपुर ब्लॉक में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच की मांग
ब्यूरो रिपोर्ट इटावा एक्सप्रेस लखनऊ

जैतपुर ब्लॉक में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच की मांग
लखनऊ पहुंचकर राज्य मिशन निदेशक को सौंपा ज्ञापन, आरोपों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग आगरा। जैतपुर ब्लॉक में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की समस्याओं और ब्लॉक में कार्यरत बीएमएम अमित गुप्ता व अंगद कुमार के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों को लेकर अन्नदाता किसान यूनियन ने उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। इस संबंध में यूनियन के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) कार्यालय पहुंचकर राज्य मिशन निदेशक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं पदाधिकारियों की ओर से रिश्वत मांगने, अभद्र व्यवहार करने, जबरन ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर कराने, मानसिक उत्पीड़न तथा समूहों के कार्यों में अनावश्यक बाधा डालने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यूनियन ने इन आरोपों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।यूनियन की मांग है कि संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की जांच के साथ स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों के स्वतंत्र बयान दर्ज किए जाएं, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई करने तथा शिकायतकर्ता महिलाओं को किसी भी प्रकार के दबाव, उत्पीड़न या प्रतिशोध से सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी की गई है। जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को बदनाम करना नहीं, बल्कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को न्याय दिलाना और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन के दौरान युवा जिलाध्यक्ष पंडित सोनू शर्मा, इटावा जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष महिला मोर्चा प्रेमलता के साथ साथ आशा, नीलम, मंजू देवी, तुलसी, संगीता सहित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। नोट समाचार में उल्लेखित आरोप शिकायतकर्ताओं की ओर से लगाए गए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इनकी वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।




